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हमारे बारे में - DigiSevaHub

DigiSevaHub किसानों और FPO को सरकारी योजनाएँ, सब्सिडी, दस्तावेज़ और भूमि रिकॉर्ड प्राप्त करने में सहायता करने वाला डिजिटल फसिलिटेशन डेस्क है।

DigiSevaHub किसानों और FPO (Farmer Producer Organisations) को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, दस्तावेज़ प्रक्रिया और भूमि रिकॉर्ड तक आसान पहुँच प्रदान करने वाला एक डिजिटल फसिलिटेशन डेस्क है।

हमारा उद्देश्य

DigiSevaHub का उद्देश्य भारत के प्रत्येक किसान और FPO तक सरकारी योजनाएँ, प्रमाणपत्र और बाज़ार से जुड़ी संभावनाएँ पहुँचाना है। हम जटिल सरकारी पोर्टलों और ग्रामीण उत्पादकों के बीच की दूरी को WhatsApp-आधारित सहायता प्रणाली और अनुभवी कृषि सलाहकारों के माध्यम से कम करते हैं।

  • स्थापना: 2022, पुणे, महाराष्ट्र
  • मुख्य फोकस: डिजिटल दस्तावेज़ीकरण, सब्सिडी आवेदन प्रक्रिया, कृषि-व्यवसाय परामर्श
  • सेवा क्षेत्र: महाराष्ट्र (अखिल भारतीय विस्तार प्रगति पर)

हम क्या करते हैं

  1. भूमि एवं राजस्व दस्तावेज़ — 7/12, फेरफार, नक्शे, प्रॉपर्टी कार्ड।
  2. सब्सिडी आवेदन सेवाएँ — MahaDBT, PMFBY, यंत्रीकरण एवं सौर योजनाएँ।
  3. कृषि-व्यवसाय योजना — DPR, FPO स्थापना, कोल्ड चेन, निर्यात तैयारी।
  4. प्रशिक्षण एवं डिजिटल सशक्तिकरण — प्राकृतिक खेती मॉड्यूल, ई-लर्निंग, ग्रामीण BPO डिज़ाइन।

किसान हम पर भरोसा क्यों करते हैं

  • दस्तावेज़ और अपडेट के लिए एक ही WhatsApp नंबर।
  • पारदर्शी शुल्क संरचना और समयबद्ध सेवा प्रतिबद्धता।
  • FPO, बैंकों और प्रमाणित विक्रेताओं के साथ समन्वय।
  • द्विभाषी सहायता (अंग्रेज़ी / मराठी); हिंदी सेवाएँ विस्ताराधीन।

नेतृत्व

हमारी मुख्य टीम को कृषि परामर्श, सरकारी साझेदारी और उत्पाद डिज़ाइन में 10+ वर्षों का अनुभव है। हम कृषिविदों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और कानूनी विशेषज्ञों के साथ मिलकर एंड-टू-एंड सहायता प्रदान करते हैं।

अपनी खेती या FPO संचालन को सशक्त बनाना चाहते हैं? WhatsApp पर +91 90111 44406 पर हमसे संपर्क करें।

किसानों के अनुभव

ऋण के लिए मुझे तुरंत 7/12 उतारे की आवश्यकता थी। DigiSevaHub ने 18 घंटों में डिजिटल हस्ताक्षर सहित दस्तावेज़ उपलब्ध कराया। तलाठी कार्यालय के कई चक्कर बच गए।
— राजेश पाटिल, नासिक (7/12 उतारा)

एक ही सीज़न में हमने अपने FPO के 120 सदस्यों के लिए ड्रिप सिंचाई सब्सिडी प्रक्रिया पूरी की। DigiSevaHub ने दस्तावेज़ और ट्रैकिंग बहुत अच्छे से संभाली।
— प्रिया देशमुख, सांगली (MahaDBT सब्सिडी)

PM-KUSUM प्रक्रिया को लेकर मुझे भ्रम था। DigiSevaHub ने WhatsApp पर चरणबद्ध मार्गदर्शन दिया। 6 सप्ताह में मेरी सब्सिडी स्वीकृत हो गई।
— सुनील कुंभार, कोल्हापुर (सौर पंप सब्सिडी)